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Thursday, July 2, 2009

समलैंगिक संबंध अपराध नहीं: दिल्ली उच्च न्यायालय

समलैंगिक संबंधों पर एक ऐतिहासिक आदेश सुनाते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध अपराध नहीं है.
दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एपी शाह और न्यायाधीश एस मुरलीधर ने गुरुवार को अपने आदेश में कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 वैध नहीं है.
ये 148 साल पुराना क़ानून है जिसके तहत समलैंगिकता के लिए दस साल तक की क़ैद की सज़ा हो सकती है.
नाज़ फ़ाउंडेशन की ओर से ये जनहित याचिका वर्ष 2001 में दायर की गई थी जिसमें आईपीसी की धारा 377 को चुनौती दी गई थी.

हमारे विचार में भारतीय संविधान के अनुसार आपराधिक क़ानून की किसी धारा की ग़लत समझ के कारण संविधान को ताक पर नहीं रखा जा सकता. हम ये भूल नहीं सकते कि भेदभाव बराबरी के सिद्धांत के ख़िलाफ़ है और किसी व्यक्ति का आत्मसम्मान समानता के कारण ही आता है


दिल्ली उच्च न्यायालय
नाज़ फ़ाउंडेशन ने इस आदेश का स्वागत किया है और फ़ाउंडेशन के बयान के अनुसार इसके आधार पर आपसी रज़ामंदी पर आधारित समलैंगिक यौन संबंध अब अपराध नहीं हैं.
बराबरी और आत्मसम्मान
न्यायालय का तर्क था कि आईपीसी की धारा 377 से नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.
अदालत का कहना था कि आईपीसी धारा 377 से संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है जो हर नागरिक को ज़िंदगी और स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार देता है.
इस तरह से सात साल से चल रहे इस मामले में अदालत ने वयस्कों के बीच समलैंगिक संबधों को मान्यता दे दी है.
न्यायालय ने कहा है कि जब तक संसद इस क़ानून में संशोधन नहीं करती तब तक ये आदेश लागू रहेगा.

ये भारत का स्टोनवॉल है. हम ख़ुश हैं. हमें जिन मौलिक और नागरिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा था, अब हम उनके हक़दार बन गए हैं. इससे हमारा न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास बहाल हुआ है


समलैंगिकों के अधिकारों के पक्षधर, वकील आदित्य बंदोपाध्याय
न्यायालय का कहना था, "हमारे विचार में भारतीय संविधान के अनुसार आपराधिक क़ानून की किसी धारा की ग़लत समझ के कारण संविधान को ताक पर नहीं रखा जा सकता."
न्यायालय ने कहा, "हम ये भूल नहीं सकते कि भेदभाव बराबरी के सिद्धांत के ख़िलाफ़ है और किसी व्यक्ति का आत्मसम्मान समानता के कारण ही आता है."
अमरीका के न्यूयॉर्क में वर्ष 1969 में दंगे भड़के थे और इन घटनाओं को समलैंगिकों के अधिकारों के लिए संघर्ष की बुनियाद माना जाता है.
वकील और समलैंगिकों के अधिकारों के पक्षधर आदित्य बंदोपाध्याय ने बीबीसी को बताया, "ये भारत का स्टोनवॉल है. हम ख़ुश हैं. हमें जिन मौलिक और नागरिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा था, अब हम उनके हक़दार बन गए हैं. इससे हमारा न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास बहाल हुआ है."

भारतीय संसद का बजट सत्र शुरु

भारतीय संसद का बजट सत्र शुरु हो गया है. पंद्रहवीं लोकसभा के कार्यकाल का ये पहला बजट सत्र है.
लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट के साये में शुरू हुए इस बजट सत्र से पहले राजनीतिक दलों ने एकजुटता के साथ सदन की कार्यवाही को चलने देने का वादा किया है.
पर विशेषज्ञों का मानना है कि बाबरी विध्वंस पर रिपोर्ट का 17 साल बाद पूरा होकर सामने आना एक मुद्दा बनकर उछल सकता है.
गुरुवार को सदन में भारत का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाना है जिसमें सरकार के लाभ और घाटे का लेखाजोखा सामने लाया जाएगा.
इसके बाद तीन जुलाई को रेल मंत्री ममता बनर्जी रेल बजट पेश करेंगी.
रेल बजट पर लोगों की नज़र भी है और वे देखना चाहते हैं कि ममता लालू प्रसाद से कितना अलग और कैसा बजट लोगों के सामने रखती हैं.
कैसा होगा आम बजट
पर सबकी नज़रें आम बजट पर टिकी हैं. आम लोगों की जिज्ञासा है कि क्या वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी आम आदमी की पसंद और सहूलियत वाला बजट दे पाने में सक्षम होंगे.
सरकार के बजट को लेकर इसलिए भी उत्सुकता है क्योंकि बजट सत्र की शुरुआत से ठीक पहले तेल के दामों में बढ़ोत्तरी कर दी गई है.
पर कुछ क्षेत्रों में लोग राहत की भी उम्मीद लगाए बैठे हैं.
इसके अलावा बजट सत्र के साथ-साथ लोगों का ध्यान सरकार के विभागवार 100 दिन के कार्यक्रम को लागू करने के प्रयासों पर भी होगी.
सरकार महिला आरक्षण बिल और खाद्य सुरक्षा क़ानून जैसे वादे भी लोगों से कर चुकी है और उनकी चर्चा भी इस बजट सत्र के दौरान सदन में गरमाहट पैदा कर सकती है.

Wednesday, May 13, 2009

चरमपंथियों से हर तरीके से निपटेंगे: ज़रदारी

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने ब्रितानी प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन के साथ वार्ता में कहा कि उनका देश चरमपंथियों से हर तरीक़े से निपटेगा.
बातीचत में ब्राउन ने चरमपंथियों को परास्त करने में पाकिस्तानी सेना की कोशिशों की तारीफ़ की.
राष्ट्रपति ज़रदारी को बीते हफ़्तों में अमरीका की तीखी आलोचना झेलनी पड़ी है. अमरीकी नेता और सैनिक कमांडर पाकिस्तान पर चरमपंथियों से सीधा मुक़ाबला नहीं करने का आरोप मढ़ते रहे हैं.
ऐसे में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने अमरीका से रिश्ते सुधारने के लिए ब्रिटेन का रुख़ किया है. और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने ज़रदारी के साथ खड़ा होने का सबूत देकर कर उनकी अपेक्षाओं को कुछ हद तक पूरा भी किया.
बुधवार को ज़रदारी से बातचीत के बाद ब्राउन ने स्वात में सैनिक कार्रवाई के कारण पलायन करने को मजबूर लोगों की आपात सहायता के लिए पाकिस्तान को आर्थिक मदद देने की घोषणा की.
उल्लेखनीय है कि स्वात में अपने घरों से भागने के लिए विवश लाखों लोगों में से एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो अपनी बुरी हालत के लिए सरकार को दोष देते हैं.
साझा प्रयास
ब्राउन ने कहा कि आतंकवाद को परास्त करने के लिए ब्रिटेन और पाकिस्तान मिल कर काम करेंगे.
ब्रिटेन और पाकिस्तान का मज़बूत रिश्ता दो स्पष्ट संदेश देता है. पहला ये कि हम एक-दूसरे की रक्षा के लिए मिल कर काम करेंगे. दूसरा संदेश हम पर हमले की कोशिश करने वाले आतंकवादियों के लिए है, कि हम आतंकवाद को हराने के लिए साथ चलेंगे

गोर्डन ब्राउन
ब्राउन ने कहा, "ब्रिटेन और पाकिस्तान का मज़बूत रिश्ता दो स्पष्ट संदेश देता है. पहला ये कि हम एक-दूसरे की रक्षा के लिए मिल कर काम करेंगे. दूसरा संदेश हम पर हमले की कोशिश करने वाले आतंकवादियों के लिए है, कि हम आतंकवाद को हराने के लिए साथ चलेंगे."
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ज़रदारी ने कहा कि उन्हें पता था कि तालेबान और अन्य चरमपंथियों से लड़ाई में पाकिस्तान, ब्रिटेन से सहायता की अपेक्षा कर सकता है.
आतंकवाद को एक बड़ी चुनौती बताते हुए ज़रदारी ने कहा, "ये इक्कीसवीं सदी की चुनौती है. हमें इसे स्वीकार करना ही होगा. ये चुनौती जल्दी ख़त्म नहीं होने जा रही है. ये लंबे समय तक रहेगी. हमारी जीवन शैली पर ख़तरा बनी इस चुनौती का हम दोनों देश मिल कर सामना करेंगे."
प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने पाकिस्तान को लगभग सवा करोड़ पाउंड की अतिरिक्त सहायता राशि देने की घोषणा भले ही की हो, लेकिन अमरीका की तरह ही ब्रिटेन भी इस बात को लेकर चिंतित है कि पाकिस्तान की सरकार कमज़ोर है. पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता को बढ़ा कर सिर्फ़ उम्मीद ही की जा सकती है कि वहाँ की सरकार चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के साथ-साथ विकास कार्यों में भी तेज़ी लाएगी. ताकि पाकिस्तान की जनता को लोकतंत्र, चरमपंथी विचारधारा से कहीं ज़्यादा आकर्षक लगने लगे

दिल्ली डेयरडेविल्स सेमीफ़ाइनल में

रजत भाटिया की शानदार गेंदबाज़ी के बूते दिल्ली डेयरडेविल्स ने आईपीएल के मुक़ाबले में डेक्कन चार्जर्स को 12 रनों से हरा कर सेमीफ़ाइनल में जगह बना ली.
टॉस जीत कर डेक्कन चार्जर्स के कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ने पहले फ़ील्डिंग का फ़ैसला किया लेकिन ये सही साबित नहीं हुआ.
दिल्ली डेयरडेविल्स ने निर्धारित बीस ओवरों में 173 रन बनाए जिसके जवाब में डेक्कन चार्जर्स की पूरी टीम 161 रन बनाकर आउट हो गई.
डेयरडेविल्स की ओर से चार विकेट चटकाने वाले रजत भाटिया को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया.
डेक्कन चार्जर्स के बल्लेबाज़ों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की.
पहले गिलक्रिस्ट का धमाल और उसके बाद एंड्र्यू साइमंड्स का कमाल ही हैदराबाद को जीत दिलाने में काफ़ी लग रहा था लेकिन आख़िरी कुछ ओवरों में आशीष नेहरा और रजत भाटिया की कसी हुई गेंदबाज़ी ने पासा पलट दिया.
ओपनर टी सुमन का विकेट तीसरे ओवर में गिरा. उस समय गिलक्रिस्ट शानदार बल्लेबाज़ी कर रहे थे. सुमन के बाद वॉर्नर भी सस्ते में चलते बने लेकिन उसके बाद आर तेजा ने गिली का साथ दिया. दोनों पारी को 86 तक ले गए.
तभी गिलक्रिस्ट 64 के निजी स्कोर पर प्रदीप सांगवान की गेंद पर बोल्ड हो गए। फिर तेजा को नैन्स ने आउट कर दिया. अगले ही ओवर में साइमंड्स भी बोल्ड हो गए. भाटिया की इस एक विकेट ने मैच पलट दिया.


इससे पहले एबी डीविलियर्स और दिनेश कार्तिक की धमाकेदार पारियों की बदौलत दिल्ली डेयरडेविल्स ने 173 रन बनाए.
रजत भाटिया ने डेल्ही को जीत दिलाई
शुरुआत ख़राब रही और दूसरे ही ओवर में डेविड वॉर्नर आउट हो गए लेकिन तिलकरत्ने दिलशान ने छोर संभाला.
दिलशान ने 18 गेंदों पर 37 रन की तेज़ पारी खेलकर अपना विकेट खो दिया. उन्होंने सात चौके और एक छक्का लगाकर टीम को बड़े स्कोर की ओर बढ़ा दिया.
दिलशान के काम को डीविलियर्स ने आगे बढ़ाया. इस बीच गंभीर सिर्फ 19 रन बनाकर आउट हो गए.
टीम में वापसी कर रहे कप्तान वीरेंदर सहवाग फिर नहीं चल पाए और महज 11 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए.
डीविलियर्स ने 36 गेंदों पर 44 रन की पारी खेली. उनके काम को आगे बढ़ाया दिनेश कार्तिक ने.
उन्होंने 23 गेंदों पर 44 रन बना डाले जिसमें चार चौके और तीन छक्के शामिल थे. हैदराबाद के लिए चामिंडा वास और प्रज्ञान ओझा ने दो-दो विकेट लिए

Monday, May 11, 2009

अफ़ग़ानिस्तान: अमरीकी जनरल की छुट्टी

अमरीकी रक्षा मंत्री ने तालेबान के ख़िलाफ़ लड़ाई में नई सोच की ज़रूरत बताते हुए अफ़ग़ानिस्तान में तैनात एक शीर्ष सैन्य कमांडर से इस्तीफ़ा देने को कहा है.
रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने पुष्टि की कि अफ़ग़ानिस्तान में तैनात जनरल डेविड मैकीर्नन को बर्ख़ास्त किया जा रहा है. उन्हें अफ़ग़ानिस्तान गए एक साल से भी कम समय हुआ है.
उनकी जगह लेंगे जनरल स्टैनली मैक्रिस्टल. कहा जा रहा है कि इनके पास अफ़ग़ानिस्तान मे जारी संघर्ष की बेहतर जानकारी है.
ताज़ा फ़ैसला अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाने और वहां रणनीतिक परिवर्तन करने के फ़ैसलों के साथ आया है.
जनरल मैकीर्नन के रहते अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथी हमलों में बढ़ोतरी देखी गई.
उनकी जगह लेने वाले जनरल स्टैनली फिलहाल अमरीकी ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के निदेशक हैं.
रॉबर्ट गेट्स ने इस बदलाव का कारण बताते हुए कहा कि नई रणनीति और नए राजदूत के साथ-साथ सैन्य नेतृत्व में भी परिवर्तन करने की ज़रूरत थी. उन्होंने कहा कि ये फ़ैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है. संवाददाताओं का कहना है कि जनरल स्टैनली चरमपंथ विरोधी रणनीति के माहिर हैं.

राजस्थान रॉयल्स की करारी हार

सोमवार को खेले गए एकमात्र आईपीएल मुक़ाबले में डेक्कन चार्जर्स ने राजस्थान रॉयल्स को 53 रनों के भारी अंतर से हरा दिया.
पहले बैटिंग करते हुए डेक्कन चार्जर्स ने निर्धारित बीस ओवरों में सात विकेट पर 166 रन बनाए.
इसके जवाब में राजस्थान रॉयल्स की पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पूरी टीम बीसवें ओवर में 113 रन बनाकर आउट हो गई.
रॉयल्स की शुरुआत ही ख़राब रही जब ग्रेम स्मिथ एक रन बनाकर चामिंडा वास की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए. उसके तुरंत बाद कार्सेल्डाइन आठ के निजी स्कोर पर चलते बने.
हालांकि एक ओर से छोड़ संभाले आस्नोडकर ने उम्मीद बनाई रखी लेकिन बाकी खिलाड़ी उनका साथ नहीं दे पाए.
आस्नोडकर ने 39 गेंदों पर 44 रन बनाकर रन आउट हो गए. उनके अलावा सिर्फ़ नमन ओझा और रवींद्र जडेजा ही दहाईं का आँकड़ा पार कर सके.
स्मिथ की बैटिंगइससे पहले डेक्कन चार्जर्स ने टॉस जीत कर बल्लेबाज़ी करते हुए अच्छी शुरुआत की लेकिन एडम गिलक्रिस्ट दस रन बनाकर यूसुफ़ पठान के शिकार बने. टी सुमन ने अच्छा फ़ॉर्म बरक़रार रखते हुए 19 गेंदों पर 29 रन बनाए. उन्हें त्रिवेदी ने आउट किया.
मध्य क्रम में एंड्र्यू साइमंड्स ने 19 गेंदों पर 30 रनों की धुआँधार पारी खेली और ड्वेन स्मिथ ने 47 रन बनाकर टीम का स्कोर 166 रन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई. निचले क्रम में चामिंडा वास और वेणुगोपाल राव ने भी हाथ भी दिखाए. वास ने 20 और राव ने 12 बनाए.

लोकसभा चुनाव के आख़िरी चरण की जंग

लोक सभा चुनाव के अंतिम चरण में 13 मई को मतदान होना है. इस चरण में कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर है.
सोमवार को चुनाव प्रचार का अंतिम दिन था और इस दिन सभी बड़े नेताओं प्रचार पर पूरा ज़ोर लगाया.
इस दौर में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम, पंचायती राज मंत्री मणिशंकर अय्यर, सड़क परिवहन मंत्री टीआर बालू, संचार मंत्री ए राजा, फ़िल्म अभिनेता विनोद खन्ना और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के भाग्य का फ़ैसला होना है.
इस अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश की पीलीभीत से वरुण गांधी, आंवला से मेनका गांधी, रामपुर से जयाप्रदा, बदायूं से सलीम शेरवानी और मुरादाबाद से पूर्व क्रिकेटर अज़हरूद्दीन के भाग्य का भी निर्णय होगा.
राजनीतिक पंडितों की नज़र पीलीभीत पर लगी है. इस सीट से वरुण गांधी चुनाव मैदान में हैं. वरुण गांधी अपने बयानों के कारण विवादों में रहे हैं इसलिए उनकी सीट पर सबकी निगाहें हैं.
साथ ही दक्षिणी राज्य तमिलनाडु की ओर भी सभी लोगों की नज़रें टिकी हैं. राज्य में सभी सीटों पर एकसाथ पाँचवें चरण में ही मतदान होना है.
यहाँ करुणानिधि बनाम जयललिता की लड़ाई और उसमें श्रीलंका के तमिल नागरिकों की स्थिति पर हो रही राजनीति चुनाव परिणामों को प्रभावित करेगी.
हिमांचल और उत्तराखंड की संसदीय सीटों के लिहाज से भी यह चुनाव महत्वपूर्ण है. कम सीटों वाले ये राज्य सत्ता के लिए गठबंधन के समीकरणों में महत्वपूर्ण हो सकते हैं.


पूरा ज़ोर


चुनाव प्रचार के लिए अंतिम दिन सभी राजनीतिक दल पूरा ज़ोर लगाकर मतदाताओं को रिझाते नज़र आए.



नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी चर्चा के केंद्र में रहे
मुख्य गतिविधियों का केंद्र बना पंजाब जहाँ लुधियाना में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह प्रचार करने पहुँचे तो अमृतसर में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी.
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर वार करते हुए कहा कि एनडीए में फूट पड़ती नज़र आ रही है और यूपीए फिर सरकार बनाने की स्थिति में है. साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि सरकार बनाने के प्रयास में नाराज़ दलों को मनाया जा सकता है.
वहीं लालकृष्ण आडवाणी ने अमृतसर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 16 तारीख़ का दिन एनडीए का होगा और सरकार एनडीए की ही बनेगी.
वहीं लालू प्रसाद यादव और भाजपा के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का क्रम जारी रहा. दोनों ने एक दूसरे को असफल और हारा हुआ बताकर एक दूसरे पर राजनीतिक निशाना साधा.
उल्लेखनीय है कि 15वीं लोक सभा के लिए पाँच चरणों में होने वाले चुनाव के अंतिम चरण यानी 13 मई को नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की कुल 86 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे.
इस चरण में हिमाचल प्रदेश की चार, जम्मू कश्मीर की दो, पंजाब की नौ, तमिलनाडु की 39, उत्तर प्रदेश की 14, पश्चिम बंगाल की 11, उत्तराखंड की पांच, चंडीगढ़ और पाँडिचेरी की एक-एक सीट के लिए फ़ैसला होना है